रीवा के शासकीय ठाकुर रणमत सिंह स्वशासी महाविद्यालय (टीआरएस कॉलेज) में शनिवार को आयोजित मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षा के दौरान दो फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी असली छात्रों की जगह परीक्षा दे रहे थे। मामले की सूचना मिलते ही केंद्राध्यक्ष ने दोनों को सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले कर दिया, जहां उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
एमसीए और बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में पकड़े गए
कॉलेज में शनिवार सुबह 9 से 12 बजे तक आयोजित प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान दोनों फर्जी परीक्षार्थी अलग-अलग कक्षों में बैठे मिले। एक एमसीए प्रथम वर्ष और दूसरा बीए प्रथम वर्ष (इतिहास) की परीक्षा दे रहा था।
जीजा और चचेरे भाई की जगह दे रहे थे परीक्षा
केंद्राध्यक्ष डॉ. नागेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जांच में सामने आया कि एमसीए प्रथम वर्ष के परीक्षार्थी सज्जन सिंह चौहान की जगह उसका चचेरा भाई पुष्पराज सिंह चौहान परीक्षा दे रहा था। वहीं बीए प्रथम वर्ष के छात्र रंजीत पटेल की जगह उसका साला सुखेंद्र पटेल परीक्षा लिखते हुए पकड़ा गया।
दोनों अलग-अलग जिलों के रहने वाले
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुष्पराज सिंह चौहान सीधी जिले का निवासी है, जबकि सुखेंद्र पटेल मऊगंज जिले का रहने वाला है। दोनों की पहचान दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान संदिग्ध मिली, जिसके बाद पूछताछ में पूरा मामला सामने आया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
सिविल लाइन थाना पुलिस ने केंद्राध्यक्ष की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था या नहीं और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका क्या रही। थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।