नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण में भारतीय वायुसेना (IAF) की मदद ली जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, पेपर लीक या छेड़छाड़ की संभावना को समाप्त किया जा सके।
जानकारी के अनुसार, देशभर के 18 प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्रों से प्रश्नपत्रों के पैकेट विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे। इन पैकेट्स की निगरानी जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी और बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र के जरिए की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि पूरी प्रक्रिया इतनी कड़ी होगी कि सुरक्षा घेरे को भेदना लगभग असंभव होगा।
परीक्षा आयोजन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्षों में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर उठे सवालों के बाद इस बार सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी कारण प्रश्नपत्रों के परिवहन में एयरफोर्स की सहायता ली जा रही है, जिससे समयबद्ध और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय की निगरानी में होने वाली इस परीक्षा के लिए राज्यों के प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री से लेकर प्रश्नपत्र खोलने तक की पूरी प्रक्रिया पर विशेष नजर रखी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा मजबूत होगा तथा परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर सरकार किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही है।
NEET-UG 2026 की परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है, जिसके लिए देशभर में व्यापक तैयारियां जारी हैं। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं।