अयोध्या के चर्चित राम मंदिर चढ़ावा मामले में सोमवार को जांच और कानूनी कार्रवाई दोनों मोर्चों पर अहम घटनाक्रम सामने आए। एक ओर सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सीबीआई या बहु-एजेंसी जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, वहीं दूसरी ओर अयोध्या पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों, लेनदेन और संपत्तियों की गहन जांच शुरू कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की सीबीआई की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई थी। हालांकि अदालत ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की। पीठ ने कहा कि मामले में इतनी आपात स्थिति नहीं है कि तुरंत सुनवाई की जाए और याचिका सामान्य प्रक्रिया के अनुसार सूचीबद्ध होगी।
पुलिस बैंक खातों और संपत्तियों की कर रही जांच
उधर अयोध्या पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए सभी गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और चल-अचल संपत्तियों की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित गबन की रकम कहां-कहां खर्च की गई और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें भूमिका है।
आलीशान संपत्तियां भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान मुख्य आरोपियों में शामिल एक युवक की आय की तुलना में उसकी संपत्तियां संदेह के घेरे में आई हैं। पुलिस फार्महाउस, लगभग 65 लाख रुपये के मकान, लग्जरी एसयूवी बुकिंग और अन्य संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन संपत्तियों के वित्तीय स्रोतों की जांच से मामले में कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।
कोर्ट में पेशी, रिमांड की तैयारी
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शन और जब्त दस्तावेजों के आधार पर पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
अब तक क्या-क्या हुआ
- मामले में अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
- जांच के दौरान करीब ₹79.85 लाख की बरामदगी की जानकारी सामने आ चुकी है।
- पुलिस लगातार आरोपियों के घरों पर तलाशी और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है।
- बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच के दायरे में लाई गई है।