करीब 10 दिन की देरी से दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तराखंड में प्रवेश कर लिया है। इसके साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग के अलावा देहरादून, टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और कुछ अन्य जिलों में अलग-अलग दिनों के लिए भारी या बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
प्रशासन ने लोगों से क्या अपील की
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से कहा है कि:
- नदियों, नालों और बरसाती गदेरों के पास जाने से बचें।
- भूस्खलन संभावित मार्गों पर यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।
- पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा टालें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।
चारधाम यात्रा पर भी असर पड़ सकता है
लगातार बारिश के कारण चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क बंद होने की आशंका बनी हुई है। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मानसून
इस वर्ष उत्तराखंड में मानसून सामान्य समय से लगभग 10 दिन देर से पहुंचा। देर से आगमन के कारण जून के अधिकांश दिनों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। अब मानसून सक्रिय होने से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है, हालांकि IMD का अनुमान है कि पूरे जुलाई महीने में देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा रह सकती है।
लोगों के लिए सलाह
- मौसम खराब होने पर पहाड़ी ट्रेक और नदी किनारे जाने से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में न रहें।
- यात्रा से पहले IMD और स्थानीय प्रशासन के ताजा अलर्ट जरूर देखें।
- आपात स्थिति में जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।