णे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। बुधवार को पुलिस ने आरोपी चेतन चौधरी को कड़ी सुरक्षा के बीच महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले ले जाकर घटनास्थल का सीन रीक्रिएट कराया। इससे पहले सह-आरोपी सिया गोयल के साथ भी इसी तरह की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब दोनों के बयानों और घटनास्थल पर उनकी गतिविधियों का मिलान किया जा रहा है।
सीन रीक्रिएशन क्यों कराया गया
जांच अधिकारियों के अनुसार, सीन रीक्रिएशन का उद्देश्य यह समझना है कि घटना के दिन दोनों आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं और क्या उनके बयान घटनास्थल के तथ्यों से मेल खाते हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर चेतन से घटनाक्रम दोहराने को कहा, ताकि घटनाओं की टाइमलाइन और उसकी भूमिका की पुष्टि की जा सके।
गेट एनालिसिस पर पुलिस का खास फोकस
इस मामले में पुलिस फोरेंसिक गेट (Gait) एनालिसिस का भी सहारा ले रही है। जांचकर्ताओं का दावा है कि घटना वाले दिन सीसीटीवी में एक व्यक्ति हुडी पहनकर दिखाई दिया था, जिससे उसका चेहरा स्पष्ट नहीं दिख रहा था। ऐसे में अब उसकी चलने की शैली (Gait) की तुलना चेतन चौधरी की चाल से की जाएगी। यदि दोनों में समानता मिलती है, तो यह जांच का महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य बन सकता है।
पहले सिया के साथ भी हुआ था यही अभ्यास
पुलिस इससे पहले सह-आरोपी सिया गोयल को भी लोहागढ़ किले ले जाकर घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन करा चुकी है। अब दोनों आरोपियों के अलग-अलग बयानों, घटनास्थल पर उनकी गतिविधियों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि दोनों के बयान अलग-अलग पाए गए, तो यह केस में नया मोड़ ला सकता है।
पुलिस किन सबूतों को जोड़ रही है
जांच में फिलहाल कई अहम बिंदुओं पर काम किया जा रहा है—
- घटनास्थल के CCTV फुटेज
- गेट एनालिसिस रिपोर्ट
- मोबाइल लोकेशन और डिजिटल रिकॉर्ड
- आरोपियों के बयान
- घटनास्थल का सीन रीक्रिएशन
- जब्त दोपहिया वाहन और अन्य सामान
इन सभी साक्ष्यों को जोड़कर पुलिस यह तय करने की कोशिश कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या नहीं और दोनों आरोपियों की भूमिका क्या रही।
जांच में अब तक क्या सामने आया
पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो इस मामले को साधारण दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या की ओर इशारा करते हैं। जांच एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि क्या वारदात से पहले इसकी योजना बनाई गई थी और क्या घटनास्थल पर पहले से तैयारी की गई थी। हालांकि, इन सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
FAQ
प्रश्न: पुलिस ने चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले क्यों ले गई?
उत्तर: घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन और गेट एनालिसिस के जरिए उसके बयान और उपलब्ध सबूतों का मिलान करने के लिए।
प्रश्न: गेट एनालिसिस क्या होता है?
उत्तर: यह एक फोरेंसिक तकनीक है, जिसमें किसी व्यक्ति के चलने के तरीके की तुलना वीडियो या CCTV फुटेज से की जाती है।