मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) ने सतना जिले के बगहा क्षेत्र में प्रस्तावित स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और Inland Container Depot (ICD) के लिए पहुंच मार्ग विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी सिलसिले में कलेक्टर सतना को भेजे गए पत्र में करीब 0.980 किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग के लिए प्रभावित भूमि की खरीद, बिक्री और डायवर्सन पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।
पत्र के अनुसार, बगहा में करीब 40.173 हेक्टेयर भूमि पर ICD विकसित करने का प्रस्ताव है। इस परियोजना की घोषणा अक्टूबर 2024 में रीवा में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के दौरान की गई थी।
क्या होता है Inland Container Depot (ICD)
Inland Container Depot (ICD) को आम भाषा में ड्राई पोर्ट (Dry Port) कहा जाता है। यह समुद्री बंदरगाह से दूर स्थित ऐसा लॉजिस्टिक्स केंद्र होता है, जहां आयात-निर्यात के कंटेनरों की कस्टम जांच, दस्तावेजों की प्रक्रिया, कंटेनर स्टोरेज और माल की आवाजाही की सुविधा उपलब्ध रहती है। यह समुद्री बंदरगाह का एक तरह से विस्तार (Extension) माना जाता है।
कैसे काम करता है ICD
यदि किसी फैक्ट्री को विदेश में सामान भेजना है, तो उसे सीधे मुंबई, मुंद्रा या चेन्नई जैसे समुद्री बंदरगाह तक माल नहीं ले जाना पड़ता। निर्माता पहले अपना माल नजदीकी ICD तक भेजता है। वहां कंटेनर सील होने, कस्टम क्लीयरेंस और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद माल रेल या ट्रक के जरिए समुद्री बंदरगाह पहुंचाया जाता है। इससे समय और लागत दोनों कम होती हैं।
ICD के प्रमुख कार्य
- आयात-निर्यात माल की कस्टम क्लीयरेंस
- कंटेनरों की लोडिंग और अनलोडिंग
- कंटेनरों का सुरक्षित भंडारण
- रेल और सड़क के माध्यम से बंदरगाह तक परिवहन
- कंटेनरों की मरम्मत और रखरखाव
- निर्यात-आयात से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया
- वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेवाएं
सतना को क्या होगा फायदा
यदि बगहा में ICD विकसित होता है तो इसका सबसे अधिक लाभ विंध्य क्षेत्र के उद्योगों को मिल सकता है।
- निर्यात करने वाले उद्योगों की परिवहन लागत घटेगी।
- माल भेजने में समय की बचत होगी।
- नए उद्योग निवेश के लिए आकर्षित होंगे।
- वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में रोजगार बढ़ सकता है।
- आसपास के जिलों के उद्योगों को भी सुविधा मिलेगी।
- समुद्री बंदरगाहों पर दबाव कम होगा।
क्या सिर्फ बड़े उद्योगों को मिलेगा फायदा
नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, ICD बनने से छोटे और मध्यम उद्योग (MSME) भी कम लागत पर निर्यात कर सकेंगे। इससे स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंच पाएंगे।
MPIDC के पत्र में क्या कहा गया है
MPIDC रीवा क्षेत्रीय कार्यालय ने कलेक्टर सतना को भेजे पत्र में बगहा में प्रस्तावित परियोजना के लिए बनने वाले पहुंच मार्ग से प्रभावित भूमि की खरीद, बिक्री और डायवर्सन पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। इसका उद्देश्य परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराना है।
परियोजना क्यों मानी जा रही है अहम
सतना पहले से सीमेंट उद्योग का बड़ा केंद्र है। यदि यहां ICD विकसित होता है तो सीमेंट, मिनरल्स, कृषि उत्पाद और अन्य औद्योगिक सामान के परिवहन को नई गति मिल सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे विंध्य क्षेत्र मध्य भारत के महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर सकता है।