जो नहीं आया, वह यहीं रहा… जो पढ़ा रहा था, उसका तबादला

50 से ज्यादा विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट; विभागीय व्यवस्था पर सवाल

सतना। जिले के नागौद विकासखंड अंतर्गत शिवराजपुर संकुल की माध्‍यमिक शाला मोरा एक बार फिर चर्चा में है। कारण यह है कि स्कूल में दर्ज दो शिक्षकों में से एक वर्षों से अनुपस्थित बताया जा रहा है, जबकि दूसरे शिक्षक का हाल ही में ऑनलाइन ट्रांसफर हो गया। ऐसे में 50 से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

पोर्टल पर दो शिक्षक, स्कूल में सिर्फ एक

जानकारी के अनुसार स्कूल के पोर्टल पर राम निरंजन माझी और बंश बहादुर यादव की पदस्थापना दर्ज है। आरोप है कि राम निरंजन माझी लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित हैं, लेकिन अब तक उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

वहीं हाल ही में बंश बहादुर यादव का ऑनलाइन ट्रांसफर होने के बाद स्कूल में नियमित शिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

जहां से आए थे, वहीं हुआ तबादला

जानकारी के अनुसार बंश बहादुर यादव का तबादला मझगवां विकासखंड के प्राथमिक शाला ऊंचामार में किया गया है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी वे इसी क्षेत्र के नकैला संकुल में पदस्थ थे और बाद में उनका स्थानांतरण मोरा किया गया था।

50 से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित

मोरा माध्‍यमिक शाला में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां 50 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार इस स्तर के विद्यालय में कम से कम दो शिक्षकों की पदस्थापना आवश्यक होती है।

विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि जब एक शिक्षक वर्षों से अनुपस्थित बताया जा रहा था, तब दूसरे शिक्षक का तबादला किस आधार पर किया गया। लोगों का कहना है कि पहले विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।

हालांकि, इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *