अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। ताजा कार्रवाई में पुलिस और एसआईटी ने गिरफ्तार आरोपियों के घरों पर छापेमारी की, जहां से अमेरिकी डॉलर, सोना-चांदी के जेवर, बड़ी मात्रा में नकदी और कई अन्य कीमती सामान बरामद किए गए। बरामदगी ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।
‘रामराज्य कोष’ और QR Code भी मिला
जांच के दौरान पुलिस को एक ‘रामराज्य कोष’ नाम का दान बॉक्स भी मिला, जिस पर QR Code लगा था। इसके अलावा नकदी, विदेशी मुद्रा और आभूषण भी जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन माध्यमों से जुटाई गई राशि का मंदिर की अधिकृत व्यवस्था से कोई संबंध था या नहीं।
अब तक 77 लाख रुपये से ज्यादा की रिकवरी
जांच एजेंसियों के मुताबिक अब तक 77 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की जा चुकी है। सबसे ज्यादा रिकवरी आरोपी अविनाश शुक्ला से हुई है, जिसके पास से करीब 20.39 लाख रुपये बरामद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का मानना है कि अभी और बरामदगी हो सकती है।
बाथरूम में छिपाते थे चोरी का पैसा
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर दान पेटियों से निकाली गई रकम को पहले मंदिर परिसर के बाथरूम में छिपाते थे। बाद में CCTV की ब्लाइंड स्पॉट का फायदा उठाकर छोटी-छोटी किश्तों में नकदी बाहर ले जाई जाती थी। इसी तरीके से लंबे समय तक चोरी को अंजाम दिया गया।
5 साल के वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाल रही SIT
सिर्फ बरामदगी ही नहीं, बल्कि एसआईटी अब पिछले पांच वर्षों के बैंक रिकॉर्ड, दान संग्रह और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। जांच पूरी करने के लिए टीम को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो और लोगों से पूछताछ की जाएगी।
संपत्तियों की भी हो रही जांच
जांच एजेंसियां आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, महंगी गाड़ियों और अन्य निवेशों की भी जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या चोरी की रकम से संपत्तियां खरीदी गईं या अन्य माध्यमों में निवेश किया गया।