पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। स्थानीय संगठनों का आरोप है कि हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई, गिरफ्तारियां और मानवाधिकार उल्लंघन बढ़े हैं। इसी के विरोध में 5 जुलाई को बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।
जम्मू-कश्मीर के लोगों से समर्थन की अपील
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के नेताओं ने भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के लोगों से एकजुटता दिखाने की अपील की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्र में नागरिकों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और आवाज उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों के क्या आरोप हैं
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान प्रशासन और सुरक्षा बलों ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया और आम लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है। इसी के विरोध में व्यापक प्रदर्शन और चक्का जाम का आह्वान किया गया है।
क्यों सुलग रहा है PoK
स्थानीय संगठनों के अनुसार विरोध के पीछे कई कारण हैं, जिनमें शामिल हैं:
- बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट
- बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी
- प्रशासनिक भ्रष्टाचार के आरोप
- प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप
इन्हीं मुद्दों को लेकर पिछले कुछ महीनों से समय-समय पर प्रदर्शन होते रहे हैं।
5 जुलाई को बड़े प्रदर्शन की तैयारी
प्रदर्शनकारी संगठनों ने 5 जुलाई को बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम का आह्वान किया है। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई और गिरफ्तारियां नहीं रुकीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पाकिस्तान की ओर से क्या कहा गया
इस मामले पर पाकिस्तान सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। हालांकि स्थानीय प्रशासन पहले भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई को आवश्यक बता चुका है। स्वतंत्र रूप से सभी आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है।