गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बच्चा सड़क पर बाइक से जाते हुए जोर-जोर से “बचाओ… किडनैपर” चिल्लाने लगा। बच्चे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों को अपहरण की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं और संभावित अपहरण के एंगल से जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी से लेकर परिवार तक, हर पहलू की हुई जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और बच्चे के साथ मौजूद महिला व युवक की पहचान की गई। इसके बाद बच्चे, उसकी मां और मामा से अलग-अलग बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की गई।
अपहरण नहीं, घर लौटने से बचने की थी कोशिश
जांच में सामने आया कि बच्चा पिछले कुछ दिनों से अपनी नानी के घर रह रहा था। मंगलवार रात उसकी मां और मामा उसे बाइक से वापस घर ले जा रहे थे। इसी दौरान उसने शोर मचाना शुरू कर दिया, ताकि राहगीर रुकें और उसे वापस नानी के घर भेज दिया जाए। पुलिस के अनुसार बच्चा घर लौटना नहीं चाहता था और स्कूल खुलने की वजह से भी वापस जाने से बच रहा था।
एक घंटे में दूर हुई अपहरण की आशंका
पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही पूरे मामले को अपहरण की आशंका मानकर जांच शुरू की गई थी। हालांकि सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों के मिलान के बाद करीब एक घंटे में स्पष्ट हो गया कि किसी तरह का अपहरण या अन्य आपराधिक घटना नहीं हुई थी। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की।
सतर्कता भी जरूरी, जिम्मेदारी भी
यह घटना बताती है कि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति की सूचना पुलिस तक पहुंचाना जरूरी है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं। वहीं बच्चों को भी ऐसी हरकतों के संभावित गंभीर परिणामों के बारे में समझाने की जरूरत है, क्योंकि इससे अनावश्यक रूप से पुलिस और आम लोगों के संसाधन लगते हैं।