सतना। तीन महीने से जिस युवक की तलाश में पुलिस और परिजन दर-दर भटक रहे थे, वह आखिरकार अपनी ही ससुराल में दफन मिला। रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के मौहार टोला-भगदेवरा निवासी विपिन कुमार यादव (20) की हत्या कर शव को रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के टीकर गांव में दफना दिया गया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने खुदाई कर कंकाल बरामद किया है। इस खुलासे के बाद साधारण गुमशुदगी का मामला अब हत्या में बदल गया है।
26 मार्च को ससुराल गया, फिर नहीं लौटा
पुलिस के अनुसार विपिन 26 मार्च को अपनी ससुराल टीकर गया था। उसी शाम वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने काफी तलाश के बाद 28 मार्च को रामपुर बाघेलान थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस, मुखबिर तंत्र और साइबर टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी रही, लेकिन कई सप्ताह तक कोई सुराग नहीं मिला।
कॉल डिटेल और गांव में पूछताछ से मिला पहला सुराग
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक की पत्नी की गांव के सुनील कुशवाहा से लगातार बातचीत होती थी। कॉल डिटेल खंगालने पर दोनों के बीच नियमित और लंबे समय तक फोन पर संपर्क होने की पुष्टि हुई। पुलिस को यह भी पता चला कि 26 मार्च को विपिन आखिरी बार सुनील के साथ देखा गया था।
दूसरे केस में गिरफ्तारी, फिर खुला हत्या का राज
दो दिन पहले गोविंदगढ़ पुलिस ने सुनील कुशवाहा को दूसरे मामले में हिरासत में लिया। रामपुर बाघेलान पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने विपिन की हत्या कर शव को अपने घर से करीब 250 मीटर दूर नाले के पास गड्ढा खोदकर दफनाने की बात बताई। उसकी निशानदेही पर पहले दिन खुदाई में सफलता नहीं मिली, लेकिन गुरुवार को दोबारा खुदाई करने पर वहां से मानव कंकाल बरामद हो गया।
कपड़ों से हुई पहचान, पोस्टमार्टम के लिए भेजा कंकाल
बरामद कंकाल की पहचान परिजनों ने कपड़ों के आधार पर विपिन के रूप में की। पुलिस ने अवशेषों को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। रिपोर्ट के आधार पर हत्या के तरीके और अन्य पहलुओं की पुष्टि होगी।
पत्नी की भूमिका की भी जांच
पुलिस अब मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी तथ्यों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और जल्द विस्तृत खुलासा किया जाएगा।