ऑस्ट्रेलिया ने भारत के लिए खोले यूरेनियम के दरवाजे, जानिए क्यों है यह डील खास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ की मेलबर्न में हुई वार्ता के दौरान दोनों देशों ने यूरेनियम आपूर्ति समझौते को अंतिम रूप दिया। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया भारत को शांतिपूर्ण नागरिक परमाणु ऊर्जा (Civil Nuclear Energy) के लिए यूरेनियम उपलब्ध कराएगा। यह समझौता एक दशक से अधिक समय से लंबित था।

ऑस्ट्रेलिया का यूरेनियम इतना खास क्यों

ऑस्ट्रेलिया दुनिया के सबसे बड़े ज्ञात यूरेनियम भंडार वाले देशों में शामिल है। वैश्विक ज्ञात भंडार का लगभग 28% हिस्सा ऑस्ट्रेलिया में माना जाता है। उच्च गुणवत्ता वाले भंडार और स्थिर आपूर्ति क्षमता के कारण दुनिया के कई देश ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम को महत्वपूर्ण मानते हैं।

भारत को क्या मिलेगा फायदा

भारत आने वाले वर्षों में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को तेजी से बढ़ाना चाहता है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। इसके लिए लगातार और भरोसेमंद यूरेनियम आपूर्ति जरूरी है। ऑस्ट्रेलिया से मिलने वाला यूरेनियम भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए ईंधन का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है।

इतने साल तक डील क्यों अटकी रही

भारत ने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया लंबे समय तक भारत को यूरेनियम निर्यात करने से हिचकिचाता रहा। हालांकि 2014 में दोनों देशों के बीच नागरिक परमाणु सहयोग समझौता हुआ, लेकिन प्रशासनिक और निगरानी संबंधी प्रक्रियाओं के कारण व्यावसायिक आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। अब दोनों देशों ने आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।

सिर्फ यूरेनियम नहीं, रणनीतिक साझेदारी भी मजबूत

यूरेनियम समझौते के साथ भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), ग्रीन हाइड्रोजन और नई तकनीकों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि कोयला और आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ा रहा है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया जैसे भरोसेमंद साझेदार से यूरेनियम आपूर्ति भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर सकती है।

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