गुरुग्राम एनकाउंटर में मारे गए 4 बदमाशों में नाबालिग जेवलिन खिलाड़ी भी, परिवार ने पूछा- पैर में गोली क्यों नहीं मारी

गुरुग्राम में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में चार कथित बदमाश मारे गए, जबकि तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस के अनुसार बदमाश एक कारोबारी से करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलने की साजिश के तहत पहुंचे थे। दोनों ओर से करीब 60 राउंड फायरिंग हुई, जिसके बाद चार आरोपियों की मौत हो गई और एक घायल अवस्था में पकड़ा गया। रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों में दो नाबालिग भी शामिल थे। पुलिस उनकी उम्र से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।

मारे गए नाबालिग में एक था जेवलिन खिलाड़ी

मृतकों में शामिल आर्यन रोहतक का रहने वाला था। परिवार के अनुसार वह 11वीं कक्षा का छात्र था और स्कूल स्तर पर जेवलिन थ्रो प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका था। पढ़ाई के साथ वह बाइक मैकेनिक का काम भी सीख रहा था। परिजनों का कहना है कि आर्यन कुछ दिन पहले घर से निकला था। उन्हें अंदाजा नहीं था कि उसका नाम किसी आपराधिक मामले में सामने आएगा। परिवार का आरोप है कि कुछ लोगों ने उसे बहला-फुसलाकर गैंग के संपर्क में पहुंचा दिया।

परिवार का सवाल- जिंदा पकड़ सकते थे, पैर में गोली क्यों नहीं मारी

एनकाउंटर के बाद आर्यन के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि पुलिस चाहती तो उसे जिंदा पकड़ सकती थी।

परिजनों ने कहा, “अगर वह आरोपी था तो उसे गिरफ्तार किया जाता। सीधे जानलेवा गोली क्यों चलाई गई? पैर में गोली मारकर भी पकड़ा जा सकता था।” परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस का क्या कहना है

गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ हुई, जिसमें चार आरोपी मारे गए। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी कुख्यात दीपक नांदल गैंग से जुड़े थे और हाल की रंगदारी की वारदातों में उनकी भूमिका सामने आई थी। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

कैसे सामने आया गैंग कनेक्शन

जांच एजेंसियों के अनुसार हाल ही में गुरुग्राम में एक कारोबारी से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस को आरोपियों की लोकेशन मिलने के बाद घेराबंदी की गई। इसी दौरान मुठभेड़ हुई। हालांकि मृतकों के परिवारों का दावा है कि कुछ युवकों को अपराध की दुनिया में फंसाया गया था और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

अब किन सवालों के जवाब तलाश रही जांच

  • क्या मारे गए दोनों युवक वास्तव में नाबालिग थे?
  • उनका गैंग से जुड़ाव कब और कैसे हुआ?
  • क्या पुलिस के पास उन्हें जिंदा पकड़ने का विकल्प था?
  • एनकाउंटर की परिस्थितियों की जांच किस स्तर पर होगी?

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