अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला लगातार चर्चा में है। शनिवार को ट्रस्ट की बैठक के बाद राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने इस पूरे प्रकरण पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल आर्थिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। इस घटना को उन्होंने “कलंक” बताया और कहा कि इससे जुड़े सभी लोग खुद को छोटा महसूस कर रहे हैं।
सभी लोग आहत हैं
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे में कथित अनियमितता की खबर सामने आना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि इस घटना से ट्रस्ट और मंदिर प्रबंधन से जुड़े सभी लोग आहत हैं और इसे दोबारा न होने देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने पर जोर
उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट की प्राथमिकता पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। दान संग्रह, गिनती और निगरानी की प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की कोई गुंजाइश न रहे।
पहले भी उठा चुके हैं निगरानी पर सवाल
इससे पहले दिए एक इंटरव्यू में नृपेंद्र मिश्रा ने कहा था कि शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत हुआ कि निगरानी व्यवस्था पर्याप्त मजबूत नहीं थी। उन्होंने बैंक और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारियों के पालन पर भी सवाल उठाए थे तथा अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी की जरूरत बताई थी। चढ़ावा चोरी के मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। मामले में कई लोगों से पूछताछ हो चुकी है और जांच एजेंसियां दान संग्रह, गिनती और रिकॉर्ड से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। ट्रस्ट का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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