दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट विवाद और समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद भाजपा ने डैमेज कंट्रोल तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के तेवर भी बदले नजर आए। इसके बाद वे दिल्ली रवाना हो गए।
भोपाल में शीर्ष नेतृत्व से हुई अहम बैठक
दतिया में हुए बवाल के बाद नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी मौजूद रहे। बैठक को पार्टी के डैमेज कंट्रोल अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
बैठक के बाद संगठन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया कि दतिया उपचुनाव पार्टी पूरी एकजुटता के साथ लड़ेगी और अधिकृत उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के समर्थन में सभी नेता काम करेंगे।
बदले नजर आए नरोत्तम मिश्रा के तेवर
टिकट घोषित होने के बाद समर्थकों की नाराजगी के बीच कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि अब नरोत्तम मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के निर्णय को स्वीकार करने का संकेत दिया है।
उन्होंने कहा कि वे दतिया उपचुनाव के प्रचार में सक्रिय रहेंगे और भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव अभियान का हिस्सा बनेंगे।
दिल्ली दौरे ने बढ़ाईं राजनीतिक चर्चाएं
भोपाल में बैठकों के बाद नरोत्तम मिश्रा दिल्ली रवाना हो गए। उनके इस दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि भाजपा की ओर से इसे संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।
दतिया में विरोध के बाद BJP ने संभाला मोर्चा
भाजपा द्वारा दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर लंबा जाम लगा और पुलिस के साथ झड़प भी हुई। बाद में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।