23वें दिन भी जारी CJP का प्रदर्शन, अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में चल रहा Cockroach Janta Party (CJP) का प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन में शामिल जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन का 15वां दिन है। आयोजकों की ओर से जारी स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार उनकी तबीयत पहले की तुलना में अधिक बिगड़ी है।

स्वास्थ्य को लेकर क्या जानकारी सामने आई

आयोजकों के अनुसार डॉक्टरों ने बताया है कि सोनम वांगचुक का रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) घटकर 104/66 mm Hg रह गया है। अनशन शुरू होने के बाद से उनका वजन करीब 7.8 किलोग्राम कम हो चुका है। हालांकि यह जानकारी आंदोलन की ओर से साझा की गई है और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलग से कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।

कई नेताओं और बुद्धिजीवियों ने जताया समर्थन

CJP के अनुसार रविवार को कई राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों ने आंदोलन को समर्थन दिया। पूर्व केरल मंत्री के. के. शैलजा, के. एन. बालगोपाल और पी. राजीव के प्रदर्शन स्थल पहुंचने का कार्यक्रम था। वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज के भी आंदोलनकारियों को संबोधित करने की जानकारी दी गई।

AISA के कार्यकर्ता भी अनशन पर

प्रदर्शन स्थल पर CPI(ML) लिबरेशन से संबद्ध ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कुछ कार्यकर्ता भी अलग से अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं। आंदोलन का केंद्र कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग है।

20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी

सोनम वांगचुक ने एक दिन पहले जारी वीडियो संदेश में लोगों से किसी एक व्यक्ति को नायक मानने के बजाय स्वयं जिम्मेदारी निभाने की अपील की थी। उन्होंने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने का भी आह्वान किया। CJP ने घोषणा की है कि मानसून सत्र के पहले दिन शांतिपूर्ण मार्च निकालकर अपनी मांगें संसद तक पहुंचाई जाएंगी।

CJP की प्रमुख मांगें

CJP का कहना है कि वह कथित परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग उठाई है। ये संगठन की मांगें हैं; इन पर सरकार की ओर से इस खबर तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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