मध्य प्रदेश के इंदौर में सात साल पहले हुई शिवानी जैन की मौत को पहले सांप के काटने का मामला बताया गया था। लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो परत-दर-परत ऐसी साजिश सामने आई, जिसने पूरे देश को चौंका दिया। आरोपी पति पंकज जैन ने पत्नी की हत्या के बाद उसे प्राकृतिक मौत साबित करने के लिए जहरीले कोबरा का सहारा लिया था।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
यह मामला वर्ष 2019 का है। इंदौर निवासी शिवानी जैन अपने घर में मृत मिली थीं। पति पंकज जैन ने परिजनों और पुलिस को बताया कि पत्नी की मौत जहरीले सांप के काटने से हुई है। शुरुआती तौर पर मामला सामान्य सर्पदंश का माना गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी पूरी कहानी
जब शव का पोस्टमार्टम हुआ तो डॉक्टरों को मौत के कारण पर संदेह हुआ। रिपोर्ट में ऐसे संकेत मिले, जो सामान्य सर्पदंश से मेल नहीं खाते थे। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। फॉरेंसिक जांच में खुलासा हुआ कि शिवानी की मौत गला घोंटने (दम घुटने) से हुई थी। यानी सांप के काटने की कहानी केवल हत्या छिपाने के लिए रची गई थी।
हत्या के बाद रची गई खौफनाक साजिश
जांच एजेंसियों के मुताबिक पत्नी की हत्या करने के बाद पंकज जैन ने शव पर सांप के काटने जैसे निशान बनाने की योजना बनाई। आरोप है कि उसने मृत महिला के हाथ में जहरीले कोबरा के दांत गड़ाए, ताकि पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच में मौत का कारण सर्पदंश माना जाए।
अलवर से खरीदा था जहरीला कोबरा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी राजस्थान के अलवर रेलवे स्टेशन के पास पहुंचा था। वहां उसने करीब 5 हजार रुपये में एक जहरीला कोबरा खरीदा। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद उसी कोबरा का इस्तेमाल पूरी घटना को प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए किया गया।
पुलिस ने कैसे खोली साजिश की परतें
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट का मिलान किया। कई बिंदुओं पर पंकज जैन के बयान बदलते रहे, जिससे पुलिस का शक गहराता गया। बाद में तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरी साजिश का खुलासा हो गया।
अदालत ने क्या फैसला सुनाया
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पंकज जैन को हत्या का दोषी माना। अदालत ने इस मामले में वन्यजीव संरक्षण कानून से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया, क्योंकि हत्या की साजिश में जहरीले कोबरा का इस्तेमाल किया गया था।
इस मामले ने क्यों खड़े किए बड़े सवाल
यह मामला केवल एक हत्या का नहीं था, बल्कि इसने जहरीले वन्यजीवों की अवैध खरीद-फरोख्त और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी पर भी सवाल खड़े किए। जांच में अलवर से कोबरा खरीदने की बात सामने आने के बाद अवैध वन्यजीव तस्करी को लेकर भी चर्चा तेज हुई। हालांकि, इस मामले के आधार पर किसी बड़े संगठित सांप तस्करी नेटवर्क की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों ने नहीं की है।