सतना में शहर की बदहाल सड़कों, अतिक्रमण और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में 37 व्यापारिक संस्थाओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव कर धरना शुरू कर दिया। सुबह करीब 11:30 बजे चैंबर अध्यक्ष सतीश सुखीजा के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारी नगर निगम पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम कमिश्नर उनसे मिलने नहीं पहुंचे। इससे नाराज व्यापारी निगम कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
कमिश्नर के आने तक धरना जारी रखने का ऐलान
धरने पर बैठे व्यापारियों ने साफ कहा कि जब तक नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीणा स्वयं आकर ज्ञापन स्वीकार नहीं करेंगे, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। खबर लिखे जाने तक धरना जारी था। स्थिति को देखते हुए नगर निगम कार्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया। मौके पर सीएसपी और एसडीएम सिटी राहुल सिलाड़िया भी मौजूद रहे और हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
व्यापारियों ने गिनाईं शहर की प्रमुख समस्याएं
चेंबर अध्यक्ष सतीश सुखीजा ने कहा कि सतना को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बावजूद शहर की मूलभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
- शहर की अधिकांश सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं।
- अतिक्रमण की समस्या लगातार बढ़ रही है।
- कई इलाकों में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा।
- इन समस्याओं से आम नागरिकों के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
पहले भी दिया था ज्ञापन, नहीं हुआ समाधान
सतीश सुखीजा ने बताया कि चेंबर का प्रतिनिधिमंडल पहले भी नगर निगम कमिश्नर से मिलकर शहर की समस्याओं के समाधान की मांग कर चुका है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सभी व्यापारिक संगठनों की सहमति से 14 जुलाई को नगर निगम कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया। व्यापारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य शहर की समस्याओं को शासन और प्रशासन के सामने मजबूती से उठाना है ताकि जल्द समाधान हो सके।