‘संसद चलो’ आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और आंदोलनकारियों के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई, लेकिन इसके बावजूद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने साफ कर दिया है कि उनका अनशन फिलहाल समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कदम नहीं उठते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच हुई पहली औपचारिक बातचीत
सोमवार को ‘संसद चलो’ आंदोलन के बीच केंद्र सरकार की ओर से पहली बार पहल करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आंदोलन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। बैठक में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। सरकार ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया, लेकिन किसी मांग को तत्काल स्वीकार करने की घोषणा नहीं की गई।
वांगचुक बोले- अनशन अभी जारी रहेगा
बैठक के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार ने बातचीत शुरू की है, लेकिन अभी जवाबदेही तय होना बाकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना अनशन जारी रखेंगे।
संसद मार्च के दौरान हाई अलर्ट, पुलिस ने रोका प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को कई स्थानों पर बैरिकेड लगाकर रोक दिया। कुछ जगहों पर धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में डटे रहे। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
अस्पताल से लिखा पत्र
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने एक हस्तलिखित पत्र जारी कर कहा कि उनकी तबीयत स्थिर है और यदि अनुमति मिले तो वे संसद मार्च में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने अपनी आवाजाही और संवाद पर लगी पाबंदियों पर भी सवाल उठाए।
आगे क्या
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत शुरू होना इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि फिलहाल न तो अनशन समाप्त हुआ है और न ही प्रदर्शन वापस लिया गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर आगे क्या फैसला लेती है।