हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पांच जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट है। कई जगह स्कूल-कॉलेज बंद हैं, जबकि भूस्खलन से सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में सक्रिय मानसून के बीच मंगलवार को भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर और चम्बा जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट है, जबकि अन्य जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
9 जिलों में Flash Flood का खतरा
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान चम्बा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सिरमौर, शिमला, सोलन, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में अचानक बाढ़ यानी Flash Flood का खतरा जताया है। राजधानी शिमला में भी बीती रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं के कारण कई मार्ग प्रभावित हुए हैं।
कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद
खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कई इलाकों में लगातार दूसरे दिन शिक्षण संस्थान बंद रखने का फैसला लिया गया है। कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में मंगलवार को अवकाश घोषित किया गया है। शिमला के ठियोग, कुल्लू के आनी और निरमंड तथा चम्बा के चुराह और सलूणी उपमंडलों में भी स्कूल, कॉलेज, ITI, आंगनवाड़ी केंद्र समेत अन्य शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
ठियोग में भूस्खलन, 16 सड़कें बंद
शिमला जिले के ठियोग उपमंडल में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इसके चलते 16 सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
किन्नौर में NH-5 पर गिरीं चट्टानें
जनजातीय जिला किन्नौर में भूस्खलन ने यातायात की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दो अलग-अलग स्थानों पर मलबा और चट्टानें गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) प्रभावित हुआ है। शलखर के पास पहाड़ी से मलबा आने से सड़क बंद हो गई, जबकि समदो के नजदीक काली डांक क्षेत्र में भारी चट्टानें गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। इसके कारण काजा, स्पीति, पूह और रिकांगपिओ की ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सड़क बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
चम्बा में उफना नाला, फंसे श्रमिकों का रेस्क्यू
चम्बा जिले में भारी बारिश का असर सड़कों से लेकर नदी-नालों तक दिखाई दे रहा है। शाहपुर-सिहुंता-चुवाड़ी और चुवाड़ी-डलहौजी मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। पांगी घाटी की शूण पंचायत के उडीन गांव में बादल फटने के बाद उफनते नाले के दूसरी ओर महिला और पुरुष श्रमिक फंस गए। राहत दल ने लोहे की सीढ़ी की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
गिरी जटोंन बांध से छोड़ा पानी, निचले इलाकों में अलर्ट
सिरमौर जिले में भी बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश के रेड अलर्ट के बीच गिरी जटोंन बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। जिले में शिक्षण संस्थानों को बंद रखा गया है और प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
कुल्लू-कांगड़ा में भी बारिश, नदी-नालों से दूर रहने की अपील
कुल्लू में बारिश और रेड अलर्ट को देखते हुए आनी और निरमंड उपमंडलों में शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। मनाली और आसपास भी मौसम खराब बना हुआ है। कांगड़ा जिले में भी कई स्थानों पर बारिश जारी है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों के करीब नहीं जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और मौसम खराब होने पर गैरजरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।