नई दिल्ली। रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। महज चार दिनों के भीतर चांदी अपने ऑल टाइम हाई स्तर से करीब ₹1.90 लाख प्रति किलो तक टूट गई है। तेज गिरावट के चलते निवेशकों और कारोबारियों में हलचल बढ़ गई है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती और कमोडिटी बाजार में बढ़ी अस्थिरता का असर चांदी की कीमतों पर पड़ा है। कुछ समय पहले चांदी ने रिकॉर्ड स्तर को छुआ था, लेकिन उसके बाद बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक चांदी ने इस साल ऐतिहासिक तेजी दिखाते हुए ₹4 लाख प्रति किलो से ऊपर का स्तर भी छुआ था। हालांकि अब कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कई कारोबारी इसे तेज रैली के बाद होने वाला करेक्शन मान रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में लंबी अवधि की संभावनाएं अभी भी मजबूत मानी जा रही हैं, क्योंकि सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। हालांकि अल्पकाल में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
इस बीच निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे घबराहट में फैसले लेने से बचें और बाजार की दिशा स्पष्ट होने तक सतर्क रणनीति अपनाएं।