सतना। पुरुषोत्तम मास के चौथे सोमवार को बिरसिंहपुर स्थित गैविनाथ धाम श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही भक्तों का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था और दिन चढ़ने के साथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिवालय से लेकर पार्वती मंदिर तक लंबी कतारें लगी रहीं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गईं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए जलधारी से भगवान शिव का जलाभिषेक करने की व्यवस्था की गई, जिससे बिना किसी अव्यवस्था के दर्शन और पूजा-अर्चना संपन्न हो सके।
महाशिवरात्रि के बाद यह पहला अवसर माना जा रहा है जब गैविनाथ धाम के परिक्रमा मार्ग और मंदिर परिसर में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। सुबह से देर शाम तक दर्शनार्थियों का आना-जाना लगातार जारी रहा।
पुरुषोत्तम मास का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिक मास भी कहा जाता है, भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह लगभग तीन वर्ष में एक बार आता है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस माह में किए गए जप, तप, दान, व्रत और पूजा का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होने की मान्यता है।
वहीं सोमवार भगवान शिव की आराधना का विशेष दिन माना जाता है। यही कारण है कि पुरुषोत्तम मास के सोमवारों में शिव मंदिरों में भक्तों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाती है।
सुख-समृद्धि की कामना के साथ किया अभिषेक
गैविनाथ धाम पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। पूरे दिन मंदिर परिसर में पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और शिव आराधना का क्रम चलता रहा, जिससे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।