मुंबई/बीड़। महाराष्ट्र के बीड़ जिले में जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि प्रशासन को पानी की चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जलापूर्ति व्यवस्था में बाधा डालने या पानी की चोरी करते पकड़े जाने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। जिले में कई जल स्रोत सूख चुके हैं और हजारों लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है।जानकारी के अनुसार, जिले के 81 जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि कई अन्य जल स्रोत मृत भंडारण (डेड स्टोरेज) की स्थिति में पहुंच गए हैं। लगातार कम वर्षा और बढ़ती गर्मी के कारण जल संकट गहराता जा रहा है।
टैंकरों के सहारे चल रही जिंदगी
बीड़ जिले के कई गांवों में लोगों की प्यास बुझाने के लिए टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता लगातार घट रही है, जिसके चलते लोगों को लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ रहा है।
प्रशासन ने जारी की सख्त चेतावनी
जल संकट के बीच प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पानी की चोरी, अवैध कनेक्शन या जल वितरण व्यवस्था में छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में सीधे पुलिस शिकायत दर्ज कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध जल संसाधनों का निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
किसानों और ग्रामीणों पर सबसे ज्यादा असर
बीड़ लंबे समय से सूखे और जल संकट से जूझता रहा है। जलाशयों के सूखने का असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में सिंचाई संकट गहरा गया है और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
बारिश पर टिकी उम्मीदें
प्रशासन और स्थानीय लोगों की निगाहें अब मानसून पर टिकी हैं। समय पर अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में जल संकट और गहरा सकता है। फिलहाल जिले में पानी के हर स्रोत पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।