5G युग में भी नेटवर्क से एक गांव कट, फोन करने 2 किमी चलना पड़ता है

देश में 5G सेवाओं के विस्तार और डिजिटल इंडिया की बातों के बीच मैहर जिले के भमरहा पंचायत अंतर्गत मनौरा गांव आज भी मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव के लोगों को एक साधारण फोन कॉल करने के लिए भी गांव से बाहर खेतों की मेढ़ तक जाना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब 150 मकान और लगभग 400 मतदाता हैं। गांव तक सड़क, पानी की टंकी और अन्य कुछ बुनियादी सुविधाएं पहुंच चुकी हैं, लेकिन मोबाइल नेटवर्क की समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है। घरों के भीतर मोबाइल फोन होने के बावजूद उनका उपयोग सीमित रह जाता है क्योंकि अधिकांश स्थानों पर नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता।

वर्षों से बनी हुई है समस्या

गांव के निवासी मुरारी यादव बताते हैं कि बचपन से लेकर आज तक उन्होंने गांव में नेटवर्क की यही स्थिति देखी है। उनका कहना है कि किसी जरूरी बातचीत के लिए लोगों को लगभग 2 किलोमीटर दूर ऊंचे स्थान या खेतों की मेढ़ तक जाना पड़ता है। वहां पहुंचने के बाद ही किसी तरह मोबाइल सिग्नल मिल पाते हैं और बातचीत संभव हो पाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि बदलते समय में यह समस्या और गंभीर हो गई है। परिवारों की जरूरतें बढ़ी हैं और लोगों का संपर्क मोबाइल फोन पर निर्भर हो गया है, लेकिन नेटवर्क न होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं।

आपातकाल में बढ़ जाती है परेशानी

ग्रामीण राहुल दाहिया के मुताबिक सबसे अधिक परेशानी आपातकालीन परिस्थितियों में होती है। किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होने या गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने जैसी स्थिति में एम्बुलेंस बुलाने के लिए भी गांव से बाहर जाकर नेटवर्क तलाशना पड़ता है।

ग्रामीण पहलवान सिंह का कहना है कि बारिश के मौसम में स्थिति और कठिन हो जाती है। कीचड़ और अंधेरे के बीच खेतों तक पहुंचकर फोन करना जोखिम भरा साबित होता है।

पढ़ाई और रोजगार पर भी असर

मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की कमी का असर गांव के विद्यार्थियों और युवाओं पर भी पड़ रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल सेवाओं, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी तक पहुंचना ग्रामीणों के लिए चुनौती बना हुआ है।

ग्रामीणों ने की टावर लगाने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और दूरसंचार कंपनियों से गांव में मोबाइल टावर स्थापित करने की मांग की है। उनका कहना है कि नेटवर्क सुविधा उपलब्ध होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *