पुणे: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब पहली बार आरोपी सिया गोयल के माता-पिता ने सामने आकर अपनी बेटी के रिश्ते और शादी को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि उन्होंने करीब 10 बार सिया से साफ-साफ पूछा था कि क्या वह केतन अग्रवाल से शादी करना चाहती है, लेकिन हर बार उसने यही जवाब दिया कि उसे केतन पसंद है और किसी अन्य युवक से उसका कोई रिश्ता नहीं है।
परिजनों का कहना है कि यदि सिया ने उस समय शादी से इनकार किया होता या किसी अन्य युवक के साथ संबंध होने की बात बताई होती तो वे कभी भी इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाते। उनका दावा है कि परिवार को किसी प्रेम संबंध या विवाद की जानकारी नहीं थी।
माता-पिता बोले- कभी नहीं जताई कोई आपत्ति
सिया के माता-पिता के अनुसार, शादी तय होने के बाद भी उन्होंने कई बार बेटी से उसकी सहमति के बारे में पूछा था। हर बार सिया ने यही कहा कि वह अपनी मर्जी से शादी कर रही है और उसे केतन पसंद है। परिवार का कहना है कि इसी भरोसे पर शादी की तैयारियां आगे बढ़ाई गईं।
क्या है पूरा मामला?
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहागढ़ किले की ट्रैकिंग के दौरान गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन पुलिस जांच में मामला हत्या का निकला। जांच एजेंसियों का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची और ट्रैकिंग के दौरान केतन को खाई में धक्का दे दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस पूछताछ कर रही है।
जांच में लगातार हो रहे नए खुलासे
पुलिस की जांच में कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी। वहीं पूछताछ के दौरान सिया और चेतन एक-दूसरे पर साजिश का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगा रहे हैं, जिससे मामले में नया मोड़ आ गया है।
दोनों परिवारों के दावों में विरोधाभास
एक ओर सिया के माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी ने कभी शादी को लेकर आपत्ति नहीं जताई, वहीं केतन के परिवार का आरोप है कि यदि सिया किसी और से प्रेम करती थी तो उसे शादी से पहले ही इनकार कर देना चाहिए था। केतन के पिता ने कहा है कि परिवार शादी रद्द करने के लिए तैयार था, लेकिन उन्हें कभी ऐसी जानकारी नहीं दी गई।
पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी की जांच कर रही है। मामले में जुटाए जा रहे डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा।