लंदन। ब्रिटेन में एक निजी (अनरेगुलेटेड) स्पर्म डोनर का मामला पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। रॉबर्ट एल्बन (Robert Albon), जो सोशल मीडिया पर ‘Joe Donor’ के नाम से जाना जाता है, दावा करता है कि वह दुनिया भर में 180 से अधिक बच्चों का जैविक पिता है। हाल ही में ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने उसकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें वह एक बच्चे के कानूनी पिता के रूप में मान्यता चाहता था।
कौन है ‘Joe Donor’
रॉबर्ट एल्बन मूल रूप से अमेरिकी नागरिक है और कई वर्षों से सोशल मीडिया के माध्यम से निजी तौर पर स्पर्म डोनेट करता रहा है। उसने दावा किया है कि उसके स्पर्म से दुनिया के अलग-अलग देशों में 180 से ज्यादा बच्चों का जन्म हुआ है। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार वह लाइसेंस प्राप्त फर्टिलिटी क्लिनिक के बजाय निजी व्यवस्था के जरिए स्पर्म डोनेट करता था।
अदालत में क्यों पहुंचा मामला
मामला तब शुरू हुआ जब एल्बन ने एक बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में खुद को कानूनी पिता घोषित करने की मांग की। हालांकि अदालत ने माना कि वह बच्चे का जैविक (Biological) पिता है, लेकिन उसे कानूनी पिता (Legal Father) का दर्जा देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि ऐसा करना सार्वजनिक नीति और बच्चे के सर्वोत्तम हित के खिलाफ होगा।
कोर्ट ने क्या कहा
फैमिली कोर्ट के अध्यक्ष सर एंड्रयू मैकफार्लेन ने फैसले में कहा कि बिना लाइसेंस के स्पर्म डोनेशन का यह तरीका कानून की भावना के विपरीत है। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और निजी स्पर्म डोनेशन गंभीर कानूनी व सामाजिक जोखिम पैदा कर सकता है।
महिलाओं के लिए चेतावनी
फैसले के दौरान अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि कोई महिला स्पर्म डोनेशन की योजना बना रही है तो उसे लाइसेंस प्राप्त फर्टिलिटी क्लिनिक का ही सहारा लेना चाहिए। अधिकृत क्लिनिक में स्वास्थ्य जांच, कानूनी सुरक्षा और रिकॉर्ड रखने जैसी व्यवस्थाएं होती हैं, जबकि निजी डोनेशन में भविष्य में अभिभावक अधिकार और पहचान से जुड़े विवाद खड़े हो सकते हैं।
क्यों चर्चा में है यह मामला
यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने पूरी दुनिया में अनरेगुलेटेड स्पर्म डोनेशन की व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एक ही डोनर से बड़ी संख्या में बच्चों का जन्म होता है, तो भविष्य में आनुवंशिक और कानूनी दोनों तरह की जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। इसी वजह से अधिकांश देशों में लाइसेंस प्राप्त फर्टिलिटी क्लिनिक के जरिए ही स्पर्म डोनेशन की सलाह दी जाती है।