Ram Mandir Donation Case: रोहिणी आचार्य ने FIR को बताया आईवॉश, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

पटना/अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता रोहिणी आचार्य ने इस मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल निचले स्तर तक सीमित है, जबकि मामले की निष्पक्ष जांच ऊपर तक होनी चाहिए।

क्या बोलीं रोहिणी आचार्य

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि “बड़े लूटेरों को छूट दे दी गई है। क्या न्याय की सीढ़ियां ऊपर तक नहीं जातीं?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केवल कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को “आईवॉश” बताते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

किस मामले को लेकर दिया बयान

राम मंदिर चढ़ावा मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों में कैश काउंटिंग और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और कुछ आरोपियों से पूछताछ भी की जा चुकी है।

भाजपा और ट्रस्ट पर साधा निशाना

रोहिणी आचार्य ने कहा कि यदि मामले में किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जांच केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय होगी या केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामला समाप्त कर दिया जाएगा।

जांच जारी, पुलिस ने नहीं दी कोई नई टिप्पणी

दूसरी ओर, जांच एजेंसियों का कहना है कि मामला अभी जांच के अधीन है। पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक किसी वरिष्ठ पदाधिकारी के खिलाफ कोई आधिकारिक आरोप या कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।

सियासत तेज होने के आसार

राम मंदिर चढ़ावा मामला अब केवल कानूनी जांच तक सीमित नहीं रह गया है। विपक्षी दल लगातार सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि भाजपा का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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