प्यार, साजिश और मौत: Google-YouTube से सीखकर की गई केतन की हत्या, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित लोहागढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआत में इसे हादसा माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या की साजिश बताया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने हत्या से पहले पूरी योजना बनाई, इंटरनेट पर जानकारी जुटाई और कई बार वारदात की रिहर्सल भी की। इन दावों की जांच जारी है।

Google और YouTube से जुटाई जानकारी

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर Google और YouTube पर ऐसे वीडियो और जानकारियां खोजीं, जिनसे किसी व्यक्ति को ऊंचाई से धक्का देने, सबूत छिपाने और संदेह से बचने के तरीकों की जानकारी मिल सके। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं।

हत्या से पहले कई बार की गई रिहर्सल

जांच के अनुसार, 18 जून की घटना से पहले कम से कम तीन बार कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ किले ले जाकर हत्या की कोशिश की गई, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से योजना सफल नहीं हो सकी। पुलिस का कहना है कि एक बार केतन बच गया, एक बार परिवार की वजह से यात्रा टल गई और एक अन्य प्रयास भी परिस्थितियों के कारण विफल रहा।

कैसे टूटा हादसे का भ्रम

शुरुआत में केतन की मौत को पहाड़ी से गिरने का हादसा माना गया था। लेकिन परिवार की शंका, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सबूत और आरोपियों की गतिविधियों की जांच के बाद पुलिस को हत्या की साजिश के संकेत मिले। इसके बाद मामला हत्या की धाराओं में दर्ज किया गया।

रिश्तों का उलझा मामला भी जांच के केंद्र में

पुलिस के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि सिया गोयल और चेतन चौधरी पहले से एक-दूसरे के संपर्क में थे। वहीं, सिया का विवाह केतन अग्रवाल से तय हुआ था। जांच एजेंसियां इस रिश्ते, पारिवारिक दबाव और संभावित मकसद की भी पड़ताल कर रही हैं। इन पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष अभी आना बाकी है।

पुलिस की जांच जारी

पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल, चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। फिलहाल अदालत में मामला विचाराधीन है और आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।

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