पुणे के चर्चित Ketan Murder Case की जांच में रविवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुणे ग्रामीण पुलिस दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को कड़ी सुरक्षा के बीच लोहागढ़ किला (Lohagad Fort) लेकर पहुंची। यहां Crime Scene Recreation कराया गया, ताकि कथित हत्या से पहले और बाद की पूरी घटनाओं का क्रम दोबारा समझा जा सके। पुलिस ने उसी स्थान पर दोनों आरोपियों से घटनाक्रम दोहराने को कहा, जहां केतन अग्रवाल की मौत हुई थी।
घटनास्थल पर दोबारा दोहराई गई पूरी कहानी
जांच अधिकारियों ने आरोपियों से पूछा कि वे किले पर कैसे पहुंचे, किस रास्ते से आगे बढ़े और घटना के समय कौन-कौन सी गतिविधियां हुईं। पुलिस ने मौके पर मौजूद परिस्थितियों और आरोपियों के बयानों का मिलान भी किया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य केस की टाइमलाइन और उपलब्ध साक्ष्यों की पुष्टि करना बताया गया है।
पुलिस को क्या मिल सकती है नई जानकारी
Crime Scene Recreation के दौरान पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि कथित वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया और घटना के समय दोनों आरोपियों की भूमिका क्या थी। जांच टीम मौके से जुड़े तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का भी मिलान कर रही है।
पहले रिहर्सल करने का भी दावा
जांच में पहले ही पुलिस यह दावा कर चुकी है कि दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर वारदात से पहले कई बार योजना बनाई और घटनास्थल का मुआयना किया था। पुलिस के अनुसार, उन्होंने इंटरनेट पर हत्या के तरीके भी खोजे और कथित तौर पर लोहागढ़ किले पर घटना की रिहर्सल भी की थी। इन दावों की जांच अभी जारी है।
परिवार ने की कड़ी सजा की मांग
इधर, केतन अग्रवाल के परिजनों और स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
जांच अभी जारी
पुलिस का कहना है कि Crime Scene Recreation से मिले तथ्यों, डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की जांच जारी रहेगी। अधिकारियों ने अभी मामले के सभी निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए हैं।