मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ का प्रसिद्ध सुंदरजा आम (Sundarja Mango) अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनाने जा रहा है। पहली बार सुंदरजा आम की व्यावसायिक खेप विदेश भेजी गई है। कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग और किसानों के समन्वित प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है, जिसे जिले के आम उत्पादकों के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
पहली बार विदेश पहुंचा सुंदरजा आम
जानकारी के अनुसार, गोविंदगढ़ क्षेत्र से सुंदरजा आम की पहली खेप निर्यात (Mango Export) के लिए रवाना की गई है। अब तक यह आम मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और देश के चुनिंदा शहरों तक ही सीमित था, लेकिन अब इसकी मांग विदेशों तक पहुंच गई है।
कृषि विभाग और किसानों की संयुक्त पहल
अधिकारियों के अनुसार, निर्यात से पहले आम की गुणवत्ता, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और परिवहन की विशेष व्यवस्था की गई। किसानों को निर्यात से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी दी गई, ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन किया जा सके।
विदेशों में बढ़ी भारतीय आम की मांग
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय आमों की मांग कई देशों में लगातार बढ़ी है। इसी कड़ी में सुंदरजा आम को भी Export Chain से जोड़ा गया। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसकी मांग और बढ़ सकती है।
किसानों को मिलेगा बेहतर दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात शुरू होने से सुंदरजा आम उत्पादक किसानों को स्थानीय बाजार की तुलना में बेहतर कीमत मिलने की संभावना है। इससे जिले में आम की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है।
रीवा की पहचान बनेगा सुंदरजा आम
सुंदरजा आम पहले से ही अपने स्वाद, सुगंध और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने के बाद इसे नई पहचान मिलने की उम्मीद है। कृषि विभाग का लक्ष्य आने वाले वर्षों में निर्यात का दायरा और बढ़ाना है।