मध्य प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में तैनात वन विभाग के अधिकारी विनोद वर्मा को एक वायरल वीडियो के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वीडियो में वे जंगल के भीतर एक जंगली सांभर को पोहा खिलाते और उसे दुलारते दिखाई दे रहे थे। मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने इसे वन्यजीव संरक्षण के सिद्धांतों के विपरीत मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
क्या है पूरा मामला
बताया गया कि यह वीडियो सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना (Churna) वन क्षेत्र का है। वीडियो में अधिकारी जंगल के भीतर बैठकर पोहा खाते नजर आते हैं और पास आए सांभर को भी वही भोजन खिलाते हैं। इसके अलावा वे जानवर को छूते और दुलारते भी दिखाई देते हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पर सवाल उठने लगे।
वन विभाग ने क्यों की कार्रवाई
वन विभाग के अनुसार, किसी भी जंगली जानवर को मानव भोजन खिलाना और उससे अनावश्यक संपर्क बनाना वन्यजीव प्रबंधन के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। इससे वन्यजीवों का प्राकृतिक व्यवहार बदल सकता है और वे इंसानों पर निर्भर होने लगते हैं, जिससे भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ जाता है।
निलंबन आदेश में क्या कहा गया
जारी आदेश में कहा गया कि अधिकारी का आचरण एक जिम्मेदार वन अधिकारी के अनुरूप नहीं था। इसे गंभीर लापरवाही और असंवेदनशीलता मानते हुए मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पिपरिया स्थित कार्यालय रहेगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
वन्यजीव विशेषज्ञों ने भी जताई चिंता
वन्यजीव विशेषज्ञों और संरक्षण कार्यकर्ताओं का कहना है कि जंगली जानवरों को मानव भोजन खिलाना उनकी प्राकृतिक आदतों को प्रभावित करता है। इससे वे जंगल छोड़कर मानव बस्तियों की ओर आकर्षित हो सकते हैं, जिससे दुर्घटनाओं, शिकार और संघर्ष की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों ने वन अधिकारियों से भी वन्यजीव संरक्षण के नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।