सतना। घरों से निकलने वाले फलों और सब्जियों के छिलके, चाय-कॉफी की बची हुई पत्तियां तथा अन्य ऑर्गेनिक वेस्ट को आमतौर पर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है। लेकिन सतना के 16 वर्षीय छात्र अजयदीप सिंह ने इसी जैविक कचरे के उपयोग पर शोध करते हुए एक न्यूट्रास्यूटिकल ब्लेंड विकसित किया है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
अजयदीप सिंह, जो वर्तमान में भोपाल स्थित द संस्कार वैली स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र हैं और सतना निवासी डॉ. अमित सिंह के पुत्र हैं, ने अपने शोध को Universal Organic Waste Nutraceutical Blend (UOWNB) नाम दिया है। शोध के आधार पर तैयार फॉर्मूले को व्यावसायिक रूप देने का भी प्रयास किया गया है।
भारत सरकार से कॉपीराइट, पेटेंट आवेदन भी दर्ज
अजयदीप के अनुसार उनके शोध को भारत सरकार के बौद्धिक संपदा कार्यालय से कॉपीराइट प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है। साथ ही भारतीय पेटेंट कार्यालय में इसका प्रोविजनल पेटेंट आवेदन भी दर्ज किया गया है। इसके अलावा उनका शोधपत्र अमेरिका के International Journal of Health Sciences तथा IJARIIE जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान को जोड़ने का प्रयास
अजयदीप ने बताया कि उनका शोध आयुर्वेद के द्रव्यगुण सिद्धांत और आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों के समन्वय पर आधारित है। इसमें तुलसी, नीम, संतरे के छिलके, गाजर और चुकंदर की पत्तियों सहित अन्य जैविक स्रोतों के पोषक तत्वों का अध्ययन किया गया है। उनका कहना है कि यदि घरों से निकलने वाले ऑर्गेनिक वेस्ट में मौजूद उपयोगी तत्वों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जाए तो इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वास्थ्य संबंधी संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है।
वैज्ञानिकों के सामने दिया शोध का प्रस्तुतिकरण
अजयदीप ने अपने शोध का प्रस्तुतीकरण CSIR-IHBT, पालमपुर के वैज्ञानिकों के समक्ष भी किया। इसके अलावा मध्य प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों के सामने भी उन्होंने अपने शोध के निष्कर्ष साझा किए, जिनकी सराहना की गई।
एक साल की मेहनत से तैयार हुआ शोध
अजयदीप ने बताया कि घरों से निकलने वाले गीले कचरे से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए उनके मन में इस विषय पर शोध करने का विचार आया। करीब एक वर्ष तक अध्ययन और प्रयोग करने के बाद उन्होंने यह शोध तैयार किया, जिसमें आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों के सिद्धांतों को आधार बनाया गया।