नई दिल्ली। जून 2026 में सोना और चांदी के बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। महीनेभर के दौरान चांदी के भाव में करीब ₹45,000 से ₹48,000 प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी अपने ऊपरी स्तर से काफी नीचे आ गया। इस तेज गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए या कुछ और इंतजार करना बेहतर रहेगा।
जून में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट
विशेषज्ञों के मुताबिक सोना-चांदी में कमजोरी के पीछे कई वैश्विक कारण रहे—
- अमेरिकी डॉलर की मजबूती।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने की संभावना।
- बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, जिससे निवेशकों का रुझान सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश से कम हुआ।
- वैश्विक आर्थिक संकेतकों में सुधार और शेयर बाजारों की ओर निवेशकों का झुकाव।
क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपकी योजना लंबी अवधि के निवेश की है तो मौजूदा गिरावट पर चरणबद्ध (SIP या किस्तों में) खरीदारी पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, अल्पकाल में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है क्योंकि बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अगले फैसलों पर बनी हुई है।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर
आने वाले दिनों में सोना-चांदी की चाल इन कारकों से प्रभावित हो सकती है—
- अमेरिकी रोजगार (Jobs) के आंकड़े।
- फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति।
- डॉलर इंडेक्स की चाल।
- पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम।
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव।
निवेशकों के लिए सलाह
यदि आपको निकट भविष्य में आभूषण खरीदने हैं तो मौजूदा गिरावट राहत दे सकती है। वहीं निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों के लिए एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध खरीदारी अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला विकल्प माना जाता है। बाजार में आगे भी अस्थिरता बनी रह सकती है, इसलिए निवेश से पहले अपनी वित्तीय योजना और जोखिम क्षमता का आकलन करना उचित रहेगा।