पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए दुखद खबर सामने आई है। मड़ला वन परिक्षेत्र के कंचन नाला क्षेत्र में दो बाघों के बीच हुए क्षेत्रीय संघर्ष (Territorial Conflict) के दौरान करीब 17 माह की एक बाघिन शावक की मौत हो गई। घटना की पुष्टि टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने की है।
शावकों के करीब पहुंचा बाघ
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाघ P-661 मंगलवार से कंचन नाला क्षेत्र में सक्रिय था और वह बाघिन P-151 के शावकों के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहा था। बताया गया कि बाघिन ने अपने शावकों की सुरक्षा के लिए उसका मुकाबला किया और कुछ समय तक उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
पीछे छूटे शावक पर किया हमला
वन विभाग के अनुसार शाम के समय बाघिन आगे बढ़ गई, लेकिन उसका एक शावक पीछे रह गया। इसी दौरान बाघ P-661 ने उस पर हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि 17 माह की मादा शावक की मौके पर ही मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार
पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृत शावक का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की जानकारी मिलते ही टाइगर रिजर्व प्रबंधन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। वन विभाग का कहना है कि यह घटना बाघों के बीच क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा प्रतीत होती है।