जम्मू। देश की सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा 2026 का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से हजारों श्रद्धालु ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया और श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।
आस्था, उत्साह और सुरक्षा का संगम
यात्रा शुरू होने से पहले भगवती नगर यात्री निवास में श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पूरा परिसर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा मार्ग पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की है।
मनोज सिन्हा बोले- यह केवल यात्रा नहीं, आध्यात्मिक जागरण
पहले जत्थे को रवाना करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए उठाया गया हर कदम श्रद्धा, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सफल दर्शन की कामना की।
57 दिन चलेगी यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलेगी और इसका समापन रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त को होगा। श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग और अपेक्षाकृत छोटे बालटाल मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन ने स्वास्थ्य, आवास, चिकित्सा, ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र भी खोले गए हैं। आधार शिविरों पर मेडिकल जांच, QR आधारित पहचान, कंट्रोल रूम, हेल्प डेस्क और 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से केवल अधिकृत काफिलों के साथ यात्रा करने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।