फीफा विश्व कप 2026 में फुटबॉल जगत ने वह नजारा देखा, जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की थी। पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को नॉर्वे ने प्री-क्वार्टर फाइनल में 2-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। 36 साल में पहली बार ब्राजील राउंड ऑफ-16 से आगे नहीं बढ़ सका। इस हार के कुछ ही देर बाद स्टार फुटबॉलर नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी, जिससे करोड़ों प्रशंसकों की आंखें नम हो गईं। 5 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ-16 मुकाबले में नॉर्वे ने शानदार वापसी करते हुए ब्राजील को 2-1 से शिकस्त दी। यह हार इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि 1990 के बाद पहली बार ब्राजील विश्व कप के राउंड ऑफ-16 से आगे नहीं बढ़ सका।
हालैंड बने जीत के हीरो
नॉर्वे के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालैंड ने दो शानदार गोल दागकर मैच का रुख बदल दिया। ब्राजील की ओर से नेमार ने इंजरी टाइम में पेनल्टी पर गोल जरूर किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। नॉर्वे ने संयमित खेल दिखाते हुए क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
हार के बाद नेमार ने किया संन्यास का ऐलान
मैच खत्म होते ही 34 वर्षीय नेमार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की और अब उनका अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो गया है। नेमार लगभग 16 वर्षों तक ब्राजील की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे और देश के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में अपना करियर समाप्त कर रहे हैं।
ब्राजील के लिए क्यों ऐतिहासिक है यह हार
ब्राजील विश्व कप इतिहास की सबसे सफल टीम रही है और उसके नाम पांच खिताब दर्ज हैं। लेकिन 2026 विश्व कप में टीम नॉकआउट चरण की पहली बाधा ही पार नहीं कर सकी। यह 36 वर्षों में ब्राजील का सबसे निराशाजनक विश्व कप अभियान माना जा रहा है।
नॉर्वे का रिकॉर्ड भी बरकरार
इस जीत के साथ नॉर्वे ने ब्राजील के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड भी कायम रखा। दोनों देशों के बीच खेले गए मुकाबलों में ब्राजील अब तक नॉर्वे को हरा नहीं पाया है। इस ऐतिहासिक जीत ने नॉर्वे को पहली बार विश्व कप के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल कर दिया। फीफा विश्व कप 2026 का यह मुकाबला सिर्फ एक उलटफेर नहीं, बल्कि फुटबॉल इतिहास का यादगार अध्याय बन गया। एक ओर नॉर्वे ने अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की, वहीं दूसरी ओर ब्राजील के स्वर्णिम दौर के एक बड़े अध्याय का अंत नेमार के अंतरराष्ट्रीय संन्यास के साथ हो गया।