मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के एक किसान ने वह कर दिखाया, जो कुछ साल पहले तक केवल विदेशों तक सीमित माना जाता था। बरघाट विकासखंड के पौनारकलां निवासी किसान धनसिंह राहंगडाले ने जापान की दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्म मियाजाकी को सफलतापूर्वक उगाया है। पेड़ पर तैयार हुए पहले दो फलों को उन्होंने परिवार के साथ आष्टा स्थित ऐतिहासिक काली मंदिर में माता को अर्पित कर अपनी सफलता के लिए आशीर्वाद लिया।
दो साल पहले लगाया था पौधा
धनसिंह राहंगडाले ने बताया कि उन्होंने करीब दो वर्ष पहले प्रयोग के तौर पर कोलकाता से मियाजाकी आम का पौधा मंगवाकर लगाया था। लंबे इंतजार और देखभाल के बाद इस वर्ष पेड़ पर पहली बार दो फल तैयार हुए। किसान का कहना है कि पहली फसल मिलने से उनका प्रयोग सफल साबित हुआ है।
पहले फल मां काली को किए समर्पित
पहली बार तैयार हुए दोनों मियाजाकी आम लेकर धनसिंह अपने परिवार के साथ आष्टा स्थित ऐतिहासिक काली मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने माता काली को आम का भोग अर्पित किया और अच्छी उपज व खेती की सफलता की कामना की। स्थानीय लोगों ने भी किसान की इस उपलब्धि की सराहना की।
125 से अधिक आम के पेड़ों का बगीचा
धनसिंह राहंगडाले के पास करीब दो एकड़ में आम का बड़ा बगीचा है। यहां लगभग 110 देशी किस्मों के पेड़ लगे हैं, जिनमें लंगड़ा, दशहरी, चौसा, मल्लिका, आम्रपाली, कृष्णभोग, मालदा, जम्मू केसर और बादाम जैसी लोकप्रिय किस्में शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने निजी बगीचे में 15 विदेशी किस्मों के आम भी लगाए हैं। इनमें जापान का मियाजाकी, थाईलैंड का किंग ऑफ चाकापात, नामडॉक माई, सीओमी पर्पल, ब्लैक कस्तूरी और अन्य विदेशी वैरायटी शामिल हैं।
अब ग्राफ्टिंग से बढ़ाएंगे पौधे
किसान का कहना है कि यदि मियाजाकी आम की मांग बढ़ती है और खरीदार मिलते हैं तो वे ग्राफ्टिंग के माध्यम से इस किस्म के अधिक पौधे तैयार करेंगे। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र के दूसरे किसानों को भी नई और अधिक आय देने वाली खेती का विकल्प मिल सकेगा।
क्यों खास है मियाजाकी आम
मियाजाकी आम की उत्पत्ति जापान के मियाजाकी प्रांत में हुई मानी जाती है। पकने पर इसका रंग गहरा लाल और बैंगनी आभा लिए होता है। इसकी मिठास, खुशबू और गुणवत्ता के कारण यह दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्मों में गिना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत गुणवत्ता और उपलब्धता के आधार पर करीब 2 से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है।