भारत आकर बोले अफगान मंत्री- ‘ऐसा लगा अपने लोगों के बीच हूं’, कहा- ‘हमारा और भारत का DNA एक’

नई दिल्ली में आयोजित India-Afghanistan Trade Opportunities Industry Interactive Session को संबोधित करते हुए अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई एवं पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने कहा कि भारत सरकार और यहां के लोगों ने उनकी टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अपने ही देश और अपने ही लोगों के बीच हूं। जैसा आपने कहा, हमारा और भारत का DNA एक है।” उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से साझा किया जा रहा है।

भारत से मांगी कृषि क्षेत्र में मदद

ओमारी ने कहा कि अफगानिस्तान की करीब 80 प्रतिशत आबादी कृषि और पशुपालन पर निर्भर है। देश में उच्च गुणवत्ता वाले फल और कृषि उत्पाद होते हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक, फसल संरक्षण, भंडारण और प्रोसेसिंग की कमी है। उन्होंने भारत से किसानों को आधुनिक प्रशिक्षण देने, बेहतर बीज, तकनीक और कृषि ढांचे के विकास में सहयोग का आग्रह किया।

भारत ने सहयोग का भरोसा दिया

भारत दौरे के दौरान ओमारी ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की। दोनों देशों के बीच कृषि अनुसंधान, बीज विकास, खाद्य सुरक्षा, सिंचाई, क्षमता निर्माण और कृषि व्यापार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। भारत ने अफगानिस्तान को गुणवत्ता वाले गेहूं, मक्का और आलू के बीज, जलवायु-अनुकूल फसल किस्मों तथा वैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।

क्यों चर्चा में है यह बयान

भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध लंबे समय से रहे हैं। ऐसे दौर में, जब क्षेत्रीय कूटनीति नए समीकरणों से गुजर रही है, अफगान मंत्री का “हमारा और भारत का DNA एक है” वाला बयान दोनों देशों के रिश्तों को लेकर सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, मंत्री ने अपने संबोधन में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। पाकिस्तान से जोड़कर की जा रही व्याख्याएं मीडिया और राजनीतिक विश्लेषण का हिस्सा हैं, न कि उनके बयान का प्रत्यक्ष हिस्सा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *