न्यूजीलैंड में PM MODI का बड़ा संदेश, बोले- 140 करोड़ भारतीयों का प्यार साथ लेकर आया हूं

करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा सिर्फ कूटनीतिक नजरिए से ही नहीं, बल्कि वहां बसे लाखों भारतीयों के लिए भी खास बन गया। ऑकलैंड में प्रवासी भारतीयों के उत्साह के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब कहा, “मैं 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं”, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अपने संबोधन में उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देने का संदेश दिया। ऑकलैंड में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी के मंच पर पहुंचते ही ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा सभागार गूंज उठा। पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच उनका जोरदार स्वागत किया गया।

‘आप भारत के सांस्कृतिक राजदूत हैं’

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में रह रहे भारतीय वहां की प्रगति में योगदान देने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और मूल्यों को भी मजबूत पहचान दिला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों की मेहनत और उपलब्धियों ने भारत की वैश्विक छवि को नई ऊंचाई दी है। यही वजह है कि आज दुनिया भारत को नए नजरिए से देख रही है।

भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों पर भी दिया जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत और न्यूजीलैंड के बीच शिक्षा, व्यापार, कृषि, तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों के बीच मजबूत संपर्क पर आधारित हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी और मजबूत होगी।

40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री की आधिकारिक यात्रा

यह दौरा ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि लगभग 40 वर्षों बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री आधिकारिक रूप से न्यूजीलैंड पहुंचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और लोगों के आपसी संबंधों को नई गति मिल सकती है।

क्यों खास रहा यह संबोधन

प्रधानमंत्री मोदी का यह कार्यक्रम सिर्फ एक सामुदायिक संबोधन नहीं था, बल्कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ते रिश्तों का भी प्रतीक बना। बड़ी संख्या में पहुंचे भारतीय मूल के लोगों ने इसे दोनों देशों के संबंधों के लिए सकारात्मक संदेश बताया।

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