कश्मीर SIA को बड़ी कामयाबी, फरार हिजबुल आतंकी अहमद कंदो के खिलाफ इंटरपोल का शिकंजा

करीब एक दशक पुराने आतंकी हमले के मामले में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी अहमद कंदो के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। इससे अब उसकी तलाश केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दुनिया के 190 से अधिक देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी अलर्ट रहेंगी।

2013 के तारजू आतंकी हमले में बड़ी कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (State Investigation Agency-SIA) ने 2013 में बारामूला जिले के तारजू इलाके में हुए आतंकी हमले के मामले में फरार हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी अहमद कंदो के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी कराया है। एजेंसी का मानना है कि आरोपी लंबे समय से भारत से बाहर छिपा हुआ है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत थी।

रेड कॉर्नर नोटिस का क्या मतलब है

इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस किसी व्यक्ति के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी किया जाने वाला अलर्ट होता है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों की पुलिस एजेंसियों को आरोपी की पहचान, लोकेशन और अस्थायी हिरासत में मदद करना है, ताकि आगे कानूनी प्रक्रिया और प्रत्यर्पण की कार्रवाई की जा सके। हालांकि, रेड कॉर्नर नोटिस अपने आप में गिरफ्तारी वारंट नहीं होता, लेकिन यह आरोपी के लिए विदेशों में छिपना काफी मुश्किल बना देता है।

SIA के लिए क्यों अहम है यह सफलता

जम्मू-कश्मीर SIA आतंकवाद, आतंकी फंडिंग और संगठित आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच करने वाली विशेष एजेंसी है। पिछले कुछ वर्षों में एजेंसी ने कई फरार आतंकियों की संपत्तियां जब्त करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में कार्रवाई की है। अहमद कंदो के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होना भी इसी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

अब आगे क्या होगा

रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद यदि अहमद कंदो किसी इंटरपोल सदस्य देश में मिलता है, तो वहां की एजेंसियां उसे स्थानीय कानूनों के तहत हिरासत में लेकर भारत को सूचित कर सकती हैं। इसके बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया संबंधित देशों के कानून और द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार आगे बढ़ती है।

SIA क्या है

स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) जम्मू-कश्मीर की विशेष जांच एजेंसी है, जिसे आतंकवाद, आतंकी वित्तपोषण, कट्टरपंथ और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े मामलों की जांच के लिए गठित किया गया है। यह जरूरत पड़ने पर NIA, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर भी काम करती है।

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