रीवा में आइसक्रीम फैक्ट्री के नाम पर 31.50 लाख की धोखाधड़ी, EOW ने 5 लोगों पर दर्ज की FIR

रीवा। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से 31.50 लाख रुपये का लोन लेकर धोखाधड़ी करने के मामले में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए सिर्फ कागजों पर आइसक्रीम फैक्ट्री स्थापित दिखाकर पंजाब नेशनल बैंक से ऋण प्राप्त किया गया।

कागजों पर खड़ी कर दी आइसक्रीम फैक्ट्री

ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आइसक्रीम फैक्ट्री स्थापित होने के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक से 31 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत कराया गया। आरोप है कि योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का लाभ भी लेने का प्रयास किया गया।

शिकायत के बाद हुई जांच

मामले की शिकायत मिलने पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने जांच शुरू की। जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया।

इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

ईओडब्ल्यू के पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह ठाकुर के अनुसार, इस मामले में निम्नलिखित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है—

  • कल्पना गुप्ता, प्रोपराइटर – कल्पना उद्योग, रीवा
  • संदीप गुप्ता, निवासी रीवा
  • रूपेश कुमार सिंह, प्रोपराइटर – रुद्रांश इलेक्ट्रिक एंड मशीनरी, रीवा
  • संतोष कुमार वर्मा, प्रोपराइटर – ओरबिन्दो टेक इन्फ्रा, रीवा
  • अंकिता सिंह, प्रोपराइटर – ओरबिन्दो टेक इन्फ्रा, रीवा
  • तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 61(2) सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

जांच जारी

ईओडब्ल्यू अब बैंक रिकॉर्ड, मशीनरी की खरीद, भुगतान संबंधी दस्तावेज और सरकारी योजना के तहत प्रस्तुत किए गए अभिलेखों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *