दतिया उपचुनाव में गरमाए भाजपा के अंदरूनी समीकरण
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का एक और बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। टिकट नहीं मिलने के बाद भी पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में प्रचार कर रहे मिश्रा ने मंच से कहा कि “आशुतोष की टिकट काटने की औकात नहीं है, कोई और है, मैं उससे बात कर लूंगा। ब्रह्मास्त्र गलत जगह मत दागो।” इस बयान को भाजपा के भीतर चल रहे राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पहले विरोध, अब प्रचार में जुटे
भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद दतिया में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जाम लगाया गया, पथराव हुआ और पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। बाद में डॉ. मिश्रा ने स्वयं समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है।
नामांकन में भी दिखी एकजुटता
राजनीतिक अटकलों के बीच नरोत्तम मिश्रा भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल हुए। मंच से भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि वह दतिया के हर गांव और हर घर जाकर भाजपा को जिताने के लिए प्रचार करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
कांग्रेस भी झोंक रही पूरी ताकत
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। स्थानीय मुद्दों, विकास और भाजपा के भीतर टिकट विवाद को कांग्रेस चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं भाजपा संगठन लगातार यह संदेश देने में जुटा है कि चुनाव में “कमल ही असली उम्मीदवार” है और सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए।
दतिया की लड़ाई क्यों है अहम
दतिया सीट भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है। 2023 के विधानसभा चुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हार का सामना करना पड़ा था। अब उपचुनाव में भाजपा इस सीट पर वापसी की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे अपने कब्जे में बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।