शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को 20वें दिन में पहुंच गई। लगातार बिगड़ती सेहत और डॉक्टरों की चेतावनी के बावजूद वांगचुक ने साफ कर दिया है कि वह 20 जुलाई तक हर हाल में अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
क्यों कर रहे हैं भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक संतोषजनक पहल नहीं हुई है। इसी कारण उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
डॉक्टरों ने जताई गंभीर चिंता
डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय से केवल नमक और पानी पर रहने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उनका वजन करीब 9 किलोग्राम तक कम हो चुका है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि यदि अनशन जारी रहा तो स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। वांगचुक ने कहा कि वह 20 जुलाई तक हर हाल में जिंदा रहेंगे और इसके बाद प्रस्तावित संसद मार्च में भी शामिल होने का प्रयास करेंगे। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने की अपील की है।
अदालत ने भी दिए निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि वांगचुक की सेहत पर लगातार नजर रखी जाए। अदालत ने कहा कि यदि डॉक्टरों को चिकित्सकीय हस्तक्षेप जरूरी लगे तो उसी के अनुसार कार्रवाई की जाए।