सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर सियासत तेज, राहुल गांधी, केजरीवाल और खड़गे समेत कई नेताओं ने सरकार को घेरा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। इसके बाद देश की राजनीति गरमा गई। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया, जबकि सरकार और दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह कदम अदालत के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उठाया गया।

क्या है पूरा मामला

सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उनका आंदोलन परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा था। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस का कहना है कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी और यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश तथा मेडिकल सलाह के आधार पर की गई।

किसने क्या कहा

राहुल गांधी: ‘शांतिपूर्ण विरोध को बल से दबाना गलत

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर लिखा कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए “असत्य और हिंसा” का सहारा ले रही है। राहुल ने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज़ को बल प्रयोग से नहीं दबाया जा सकता।

अरविंद केजरीवाल: लोकतंत्र में विरोध का अधिकार छीनना ठीक नहीं

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए सरकार से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की। यह वीडियो X पर व्यापक रूप से साझा किया गया।

मल्लिकार्जुन खड़गे: असहमति की आवाज़ दबाई जा रही है

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार लगातार असहमति की आवाज़ों को दबा रही है। उन्होंने किसानों, पहलवानों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और अब सोनम वांगचुक के आंदोलन का उल्लेख करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।

AAP नेताओं ने भी उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर बातचीत करने की अपील की।

भाजपा और दिल्ली पुलिस का पक्ष

भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाना आवश्यक था। पार्टी ने कहा कि यह निर्णय विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लिया गया। दिल्ली पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई केवल चिकित्सा कारणों से की गई और प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर शांतिपूर्वक खाली करने की अपील की गई थी।

अस्पताल का मेडिकल बुलेटिन

सफदरजंग अस्पताल ने बताया कि सोनम वांगचुक लंबे उपवास के कारण डिहाइड्रेशन और कमजोरी से जूझ रहे हैं। उनकी वाइटल्स फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन उन्होंने IV फ्लूड, ORS और अन्य दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और उन्हें उपचार के लिए समझा रहे हैं।

पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने लगाए आरोप

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने आरोप लगाया कि अस्पताल में परिवार को पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट साझा नहीं की गई और उनकी सहमति के बिना कोई उपचार शुरू नहीं किया जाना चाहिए।

‘चलो संसद’ कार्यक्रम रहेगा जारी

सोनम वांगचुक की टीम ने कहा है कि अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। टीम ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित करने की तैयारी जारी है। वहीं CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है।

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