मेडिकल नशे के सौदागर को 10 साल की सजा, 720 नशीली कैप्सूल के साथ हुआ था गिरफ्तार

सतना की एनडीपीएस एक्ट की विशेष अदालत ने मेडिकल नशे के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। स्पेशल जज शशिकांत वर्मा की अदालत ने पवन उर्फ चिराग साकेत निवासी टिकुरिया टोला को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर ₹1,00,500 का जुर्माना भी लगाया गया है। आरोपी को सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के धवारी तालाब स्थित मसान बाबा के पास से 720 नशीली कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया गया था। जब्त कैप्सूल की कीमत 21,603 रुपये आंकी गई थी।

मुखबिर की सूचना पर हुई थी कार्रवाई

अपर लोक अभियोजक (AGP) अखिलेश अवधिया ने बताया कि 5 फरवरी 2024 की शाम करीब 7:30 बजे मुखबिर से सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस टीम में शामिल विनोद रैकवार ने आरोपी को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी के थैले में रखे तीन डिब्बों से कुल 720 नशीली कैप्सूल बरामद हुईं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

एनडीपीएस एक्ट और ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत चला केस

विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम की धारा 8 और 21 तथा मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट की धारा 5/13 के तहत न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिन्हें अदालत ने पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और 10 साल के कठोर कारावास के साथ ₹1,00,500 के अर्थदंड से दंडित किया।

नशे के कारोबार पर सख्त संदेश

अदालत के इस फैसले को मेडिकल नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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