सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन टनल में हुए भीषण हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। जहरीली मीथेन गैस और सुरंग के भीतर बने बेहद खतरनाक हालात के कारण रेस्क्यू टीमों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
कैसे हुआ हादसा
यह हादसा सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग क्षेत्र में निर्माणाधीन NHPC की तीस्ता स्टेज-VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना की सुरंग में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुरंग के भीतर जमा मीथेन गैस निकलने के दौरान तेज विस्फोट हुआ, जिसके बाद भूस्खलन से सुरंग का बड़ा हिस्सा धंस गया और प्रवेश द्वार मलबे से बंद हो गया।
मृतकों की संख्या बढ़ी, 25 लोगों की तलाश जारी
हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, जबकि 25 मजदूरों की तलाश अभी भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार मलबा हटाया जा रहा है।
मीथेन गैस से रेस्क्यू अभियान बेहद मुश्किल
बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा सुरंग के भीतर मौजूद मीथेन समेत अन्य जहरीली गैसें हैं। सुरक्षा कारणों से रेस्क्यू टीमों को सीमित समय के लिए ही अंदर भेजा जा रहा है। गैस की मात्रा बढ़ने पर अभियान रोकना पड़ रहा है, जिससे बचाव कार्य की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
कई एजेंसियां मौके पर तैनात
रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, स्थानीय प्रशासन, पुलिस, NHPC और परियोजना से जुड़ी तकनीकी टीमें जुटी हुई हैं। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। NHPC के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार की नजर
सिक्किम सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। वहीं केंद्र सरकार ने भी हरसंभव मदद का भरोसा दिया है और राहत अभियान पर लगातार नजर रखी जा रही है।