बाबा महाकाल के दरबार में सोमवार को एक बार फिर अनोखी श्रद्धा देखने को मिली। जबलपुर से पहुंचे भक्तों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में ढाई लाख रुपये प्रति किलो तक कीमत वाले दुर्लभ आम भगवान महाकाल को अर्पित किए। खास बात यह है कि यह परंपरा पिछले 12 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है।
उज्जैन में बाबा महाकाल को चढ़ाए दुर्लभ आम
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार को श्रद्धा का अनूठा दृश्य देखने को मिला। जबलपुर से आईं श्रद्धालु रानी सिंह परिहार ने भगवान महाकाल को करीब 5 किलो दुर्लभ और हाई क्वालिटी के आम अर्पित किए। बताया गया कि इन आमों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2.5 लाख रुपये प्रति किलो तक है।
12 साल से पहली फसल महाकाल को अर्पित करने की परंपरा
रानी सिंह परिहार ने बताया कि वह पिछले 12 वर्षों से अपने बगीचे की पहली फसल बाबा महाकाल को अर्पित करती आ रही हैं। उनके अनुसार यह उनकी आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है और हर साल महाकाल का आशीर्वाद लेने के बाद ही आम की बिक्री शुरू की जाती है।
महाकाल के नाम पर है हाइब्रिड फार्म
रानी सिंह परिहार ने बताया कि जबलपुर में उनका ‘श्री महाकालेश्वर हाइब्रिड फार्म’ नाम से आम का बगीचा है। इस बगीचे में 51 से अधिक किस्मों के आम उगाए जाते हैं। इनमें दुनिया की कई प्रसिद्ध और दुर्लभ वैरायटी शामिल हैं।
बगीचे में मियाजाकी (Miyazaki), जापानी, ऑस्ट्रेलियन किस्मों के अलावा देसी वैरायटी जैसे चौसा, मल्लिका और आम्रपाली भी बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में है भारी मांग
रानी सिंह परिहार के अनुसार, बगीचे में उगाई जाने वाली कुछ विदेशी किस्मों के आमों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है। खासकर मियाजाकी आम दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है, जिसकी कीमत गुणवत्ता और बाजार के अनुसार लाखों रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
आस्था और परंपरा का अनूठा संगम
महाकाल मंदिर में दुर्लभ आम अर्पित करने की यह परंपरा श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी रही। मंदिर पहुंचे अन्य भक्तों ने भी इस अनोखी भेंट को आस्था और भगवान महाकाल के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया।