मध्य प्रदेश के मंडला जिले में नकली और प्रतिबंधित सिगरेट के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने दो दुकानों पर छापेमारी कर करीब तीन लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध सिगरेट जब्त की है। मामले में दो व्यापारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकृत एजेंसी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई सिक्योर ब्रांड आईपी एंड कॉपीराइट सर्विसेज, इंदौर की शिकायत पर की गई। संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर राज ठाकुर ने बताया कि उनकी संस्था आईटीसी लिमिटेड की ओर से ब्रांड सुरक्षा और कॉपीराइट संरक्षण के लिए अधिकृत है। संस्था को सूचना मिली थी कि मंडला शहर में आईटीसी के ब्रांड से मिलती-जुलती नकली सिगरेट और भारत में प्रतिबंधित सिगरेट की बिक्री की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त जांच शुरू की।
दो दुकानों पर दबिश, लाखों की सिगरेट बरामद
संयुक्त टीम ने हागगंज बाजार स्थित नीलेश ट्रेडर्स और आंबेडकर वार्ड स्थित पमनानी ट्रेडर्स पर छापेमारी की। जांच के दौरान दोनों दुकानों से प्रतिष्ठित ब्रांड से मिलती-जुलती और प्रतिबंधित सिगरेट का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान ने बताया कि नीलेश ट्रेडर्स से लगभग 1.75 लाख रुपये और पमनानी ट्रेडर्स से करीब 1.20 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध सिगरेट जब्त की गई।
दो व्यापारियों पर मामला दर्ज
पुलिस ने नीलेश ट्रेडर्स के संचालक राजेश वीरानी और पमनानी ट्रेडर्स के संचालक सनी पमनानी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि प्रतिबंधित और संदिग्ध सिगरेट की सप्लाई कहां से हो रही थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या है।
संयुक्त टीम ने दी कार्रवाई
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक संजीव उईके, मृदुल पटैल, यमुना सनोडिया, प्रियांश पाठक, रमेश सिंगरोरे और आशुतोष उपाध्याय सहित सिक्योर ब्रांड आईपी एंड कॉपीराइट सर्विसेज के प्रतिनिधि राज ठाकुर और गौरव कुमार श्रीवास्तव भी शामिल रहे।