मध्य प्रदेश पुलिस की हाल ही में जारी पदोन्नति सूची में एक ऐसी गलती सामने आई है, जिसने पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सहायक उपनिरीक्षक (ASI) से उपनिरीक्षक (SI) पद पर पदोन्नत किए गए अधिकारियों की सूची में एक ऐसे पुलिस अधिकारी का नाम शामिल है, जिनका करीब एक वर्ष पहले ही निधन हो चुका है।
2035 अधिकारियों की प्रमोशन सूची में सामने आई बड़ी चूक
मध्य प्रदेश पुलिस में लंबे समय बाद नियमित पदोन्नति प्रक्रिया के तहत 2035 सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) को उपनिरीक्षक (SI) पद पर पदोन्नत करने की सूची जारी की गई। इस सूची का पुलिस महकमे में स्वागत किया गया, लेकिन इसी दौरान एक ऐसी गलती सामने आई जिसने पूरे विभाग को असहज कर दिया। जारी सूची में 1115वें क्रमांक पर राकेश सिंह बघेल का नाम शामिल है, जबकि उनका वर्ष 2025 में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो चुका है।
एक साल पहले हो चुका था निधन
राकेश सिंह बघेल मूल रूप से सतना जिले के कोठी थाना क्षेत्र के मौहार गांव के निवासी थे। सेवा के दौरान उनकी अंतिम पदस्थापना पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर थाने में थी। बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पहले हृदयाघात से उनका निधन हो गया था। इसके बावजूद उन्हें हाल ही में जारी पदोन्नति सूची में एसआई पद पर पदोन्नत दिखाया गया।
परिजन और साथी पुलिसकर्मी भी हैरान
जैसे ही प्रमोशन सूची सामने आई, राकेश सिंह बघेल के परिजनों और उनके साथ काम कर चुके पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी मिली। सभी इस बात से हैरान रह गए कि आखिर एक दिवंगत अधिकारी का नाम पदोन्नति सूची तक कैसे पहुंच गया।
सत्यापन प्रक्रिया पर उठे सवाल
पुलिस विभाग का दावा है कि पदोन्नति सूची जारी करने से पहले जिलों से लेकर पुलिस मुख्यालय तक कई स्तरों पर सेवा अभिलेखों और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
ऐसे में एक वर्ष पहले दिवंगत हो चुके अधिकारी का नाम सूची में शामिल होना गंभीर प्रशासनिक चूक माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि संभवतः सेवा अभिलेखों का सही ढंग से सत्यापन नहीं हुआ या फिर जल्दबाजी में नाम भेजे गए।
पन्ना पुलिस से नहीं मिला जवाब
मामले में पन्ना जिले की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। फिलहाल इस चूक को लेकर पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है और उम्मीद की जा रही है कि विभाग जल्द ही संशोधित सूची जारी कर स्थिति स्पष्ट करेगा।