मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस की लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक शराबी युवक थाने से पुलिस की सरकारी जीप लेकर फरार हो गया और हाट बाजार में तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाते हुए कई लोगों को टक्कर मार दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम शराब के नशे में धुत एक युवक रैपुरा थाने पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह पुलिसकर्मियों से किसी बात को लेकर बहस कर रहा था। पुलिस ने उसे थाने से बाहर निकाल दिया, लेकिन बाहर खड़ी सरकारी जीप में चाबी लगी होने का फायदा उठाकर वह वाहन लेकर फरार हो गया।
हाट बाजार में मच गई भगदड़
घटना के समय रैपुरा में साप्ताहिक हाट बाजार लगा था, जहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी कर रहे थे। आरोपी ने तेज रफ्तार से पुलिस जीप दौड़ाते हुए राह चलते लोगों को टक्कर मारना शुरू कर दिया। कटनी तिराहा तक पहुंचते-पहुंचते कई लोग उसकी चपेट में आ गए। इस दौरान एक मोटरसाइकिल सवार को जोरदार टक्कर लगी। बाइक जीप के नीचे फंस गई और करीब 200 मीटर तक घिसटती चली गई। आरोपी ने एक कार और एक बस को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, इसके बाद वह अवंतीबाई चौक की ओर भाग निकला।
पुलिस ने पीछा कर पकड़ा, थाने पहुंची भीड़
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जीप का पीछा किया और अवंतीबाई चौक के पास आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंच गए। आक्रोशित भीड़ ने आरोपी को अपने कब्जे में लेकर पीटने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने आरोपी को तुरंत लॉकअप में बंद कर दिया। करीब एक से दो घंटे तक थाने में हंगामे का माहौल बना रहा।
आरोपी की पहचान, पुलिस की लापरवाही पर सवाल
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सुखेन्द्र बुंदेला, निवासी इमलिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह शराब के नशे में किसी मामले को लेकर थाने आया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस वाहन में चाबी लगी होने के कारण ही वह आसानी से जीप लेकर भाग निकला। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और सरकारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
आधा दर्जन से अधिक लोग घायल
इस घटना में कई लोग घायल हुए। इनमें रमेश चौधरी, जलसा बाई, प्रमोद नायक, हेमलता बाल्मीकि, बेबी बाई, जितेंद्र नामदेव, संतोष रैकवार, विमला लोधी और काशी प्रसाद सहित कई लोग शामिल हैं। कुछ घायलों का इलाज सरकारी अस्पताल में, जबकि अन्य का निजी अस्पतालों में कराया गया।